सलमान खान की फिल्म दबंग के चौबे जी यानी राम सूजन सिंह का आज जन्मदिन है

बिहार ले लाल राम सूजन सिंह उर्फ़ चौबे बाबा का आज जन्मदिन है। ऐसे ही कई सुपर हिट फिल्मो में अभिनय कर चुके है राम सूजन सिंह पर बॉलीवुड के दबंद खान उर्फ़ सलमान खान की फिल्म दबंग के तीनो भाग में अपनी एक अलग छाप दर्शको के बीच बना चुके राम सूजन सिंह आज किसी परिचय के मोहताज नही है। आज उन की वेव सीरीज़ अपहरण भी बहुत चर्चा का विषय बना हुआ है। कहा जाता है की राम सूजन सिंह और सलमान खान की दोस्ती बहुत गहरी बन गई थी चंद मुलाकात में ही। सलमान खान के साथ फिल्म ‘दबंग’ दबंग 2 और ‘दबंग 3’ में चौबे जी की भूमिका निभाने वाले एक्टर राम सुजान सिंह बिहार के पटना जिले के मनेर के रहने वाले हैं। मनेर के छोटे से गांव हल्दी छपरा से मुंबई तक का सफर सुजान के लिए आसान न था। संघर्ष के दिनों में उन्हें अपने दोस्त ने घर में रहने के बदले झाड़ू-पोंछा लगाना पड़ता था। राम सुजान सिंह कहते हैं कि एक्टर बनने का सपना लिए मुंबई गया तो सबसे पहले सिर छुपाने की जगह पाने की समस्या हुई। मेरे पास रेंट देने के लिए पैसे नहीं थे। एक दोस्त ने मुझे अपने साथ इस शर्त पर रखा कि मैं नियमित रूप से घर की सफाई करूं। सुजान ने बताया कि जब रहने का ठिकाना मिला तो फिर ठिकाना मिलने के बाद मैंने काम की तलाश शुरू की। सालों तक लगा रहा तब जाकर आज कुछ नाम कमा पाया हूं।

सुजान ने बताया कि फिल्म दबंग के लिए ऑडिशन चल रहा था। उसमें ठाकुर (नाई) के रोल के लिए मैं भी गया था। बाद में फिल्म के निर्देशक ने मुझे पुलिस वाले चौबे जी की भूमिका करने का मौका दिया। चौबे जी की भूमिका के बाद मेरी चर्चा होने लगी। अब तो कई लोग मुझे चौबे जी कहने लगे हैं।

सुजान बॉलीवुड में धीरे-धीरे चर्चित एक्टर बनते गए। उसके बाद कई फेमस ऐक्टरों के साथ काम करने का मौका मिला। संजय दत्त के साथ फिल्म ‘जिला गाजियाबाद’, सुनील शेट्टी के साथ फिल्म ‘देसी कट्टा’ समेत कई फिल्मों में काम किया। सुजान कहते हैं कि आज जो भी हूं वह दर्शकों के प्यार के बदौलत ही हूं।

सुजान बताते हैं कि मुंबई में संघर्ष के दौरान पहला सीरियल संजय खान के ‘हनुमान’ में काम करने का मौका मिला। इसके लिए मुझे 750 रुपए मिले थे। काम पसंद आने पर मुझे 1500 रुपए प्रति एपीसोड मिलने लगे। इसके बाद कई सीरियलों में भी काम किया।

पहली फिल्म ‘ओमकारा’ में काम करने का मौका मिला। फिर ‘दबंग’, ‘दबंग 2’, ‘दबंग 3′,’जिला गाजियाबाद’, ‘आक्रोश’ और ‘पुलिसगिरी’ में काम करने का मौका मिला। फिल्म ‘गुंडे और गुड़िया,मुद्दे की बात’, ‘गांधीगिरी’ और ‘रॉबिनहुड के पोते’ आदि फिल्मे है।

सुजान बताते हैं कि पटना में 1984 से ही थियेटर करता था। 1999 में मुंबई का रूख किया। कई सालों तक संघर्ष किया। इस दौरान घरवाले भी परेशान थे कि कुछ नहीं कर पा रहा है। मां कहती थी कि बेटा जो भी करना वह ईमानदारी से करना। सुजान के साथ साथ कई भोजपुरी फिल्मे भी कर चुके है।

 

Check Also

Kunwarr brings the rush of young love to life with his new Punjabi pop anthem ‘Crazy4U’

National, 15th July 2026: The thrill, anticipation and joyful chaos of falling in love take …